Friday, 30 June 2017

मॉनसून के सीजन में आंखें लाल मतलब कंजंक्टिवाइटिस का खतरा जानिए इसका इलाज

Image result for मॉनसून के सीजन में आंखें लाल मतलब कंजंक्टिवाइटिस का खतरायह आंख के ग्लोब के ऊपर (बीच के कॉर्निया क्षेत्र को छोड़कर) एक महीन झिल्ली चढ़ी होती है जिसे कंजंक्टिवा कहते है। कंजंक्टिवा में किसी भी तरह के इंफेक्शन (बैक्टीरियल, वायरल, फंगल) या एलर्जी होने पर सूजन आ जाती है जिसे कंजंक्टिवाइटिस कहा जाता है।



बीमारी के लक्षण

- सुबह के वक्त आंख चिपकी मिलती है और कीचड़ आने लगता है तो यह बैक्टिरियल कंजंक्टिवाइटिस का लक्षण हो सकता है। 
- अगर आंख लाल हो जाती है और उससे पानी गिरने लगता है, तो यह वायरल और एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस हो सकता है।
- आंख में चुभन महसूस होती है, तेज रोशनी में चौंध लगती है, आंख में तेज खुजली होती है, तो यह एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस हो सकती है।

बचाव

- कंजंक्टिवाइटिस होने पर मरीज को अपनी आंख दिन में तीन-चार बार साफ पानी से धोनी चाहिए।

- कंजंक्टिवाइटिस अगर इंफेक्शन की वजह से है तो ऐसे शख्स से हाथ नही मिलाना चाहिए, नहीं तो इंफेक्शन हाथ के जरिए स्वस्थ व्यक्ति की आंख में भी हो सकता है।

- ऐसे शख्स का तौलिया या रुमाल भी इस्तेमाल नही करना चाहिए। बरसात के मौसम में स्विमिंग पूल में नहीं जाना चाहिए वरना कंजंक्टिवाइटिस इंफेक्शन एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने का खतरा रहता है।

- गर्मी के मौसम में अच्छी क्वॉलिटी का धूप का चश्मा पहनना चाहिए। चश्मा आंख को तेज धूप, धूल और गंदगी से बचाता है, जो एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस के कारण होते हैं।

इलाज
- कंजंक्टिवाइटिस में स्टेरॉयड वाली दवा जैसे डेक्सामिथासोन (Dexamethasone), बीटामिथासोन (Betamethasone) आदि का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। 

- अगर जरूरी है, तो सिर्फ डॉक्टर की सलाह से ही आई-ड्रॉप्स डालें और उतने ही दिन जितने दिन आपके डॉक्टर कहें। स्टेरॉयड वाली दवा के ज्यादा इस्तेमाल से आंखों को काफी नुकसान हो सकता है।

- ये सभी दवाएं जेनरिक हैं। दवाएं बाजार में अलग-अलग ब्रैंड नामों से उपलब्ध हैं।

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