Monday, 26 February 2018

BREAKING NEWS: 7वें वेतनमान पर 28 तारीख को हो सकता है बड़ा ऐलान, करोड़ों लोगों पर सरकार ले सकती है बड़ा फैसला

BREAKING NEWS:  7वें वेतनमान पर 28 तारीख को हो सकता है बड़ा ऐलान, करोड़ों लोगों पर सरकार ले सकती है बड़ा फैसला

भोपाल। छत्तीसगढ़ सरकार के साथ ही मध्यप्रदेश सरकार भी अपने यहां के साढ़े चार लाख पेंशनर्स के लिए इस बजट में घोषणा कर सकती है। सरकार के इस फैसले के बाद इन कर्मचारियों को 7वें वेतनमान के अनुसार पेंशन मिलने लगेगी। इसमें दो हजार रुपए से लेकर 10 हजार रुपए तक का इजाफा होने की उम्मीद जताई है। 24 फरवरी को शुरू हुए बजट सत्र पर अब प्रदेशभर के पेंशनर्स की निगाह टिक गई है। सूत्रों के मुताबिक वित्त विभाग ने पेंशनर्स को तोहफा देने की तैयारी कर ली है।
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मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार अब पेंशनर्स को गिफ्ट देने की तैयारी कर रही है। इसके बाद मध्यप्रदेश सरकार पर 550 करोड़ का अतिरिक्त बोझ आएगा। चुनाव से पहले बुजुर्गों को यह तोहफा अहम माना जा रहा है।वित्त विभाग ने तैयार किया फार्मूला


छत्तीसगढ़ राज्य के पेंशनरों को 7 pay commission के हिसाब से पेंशन देने का निर्णय हो चुका है। इसके बाद अब मध्यप्रदेश के पेंशनर्स की भी निगाहें प्रदेश सरकार के निर्णय पर टिकी हुई थी, हालांकि इस प्रस्ताव को वित्त विभाग ने फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल रखा था। अब चुनावी साल में पेंशनर्स की नाराजगी के बाद यह फैसला लेना पड़ा है।
MP में साढ़े चार लाख हैं पेंशनर्स
मध्यप्रदेश में साढ़े चार लाख से अधिक पेंशनर हैं, जिन्हें सातवें वेतनमान के हिसाब से बढ़ी हुई पेंशन मिलना है। MP से छत्तीसगढ़ के अलग हो जाने के बाद कुछ कानूनी पेंचीदगियां बढ़ गई हैं। राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत राज्य बंटवारे के पहले पेंशनर्स के मामले में कोई फैसला होने से पहले दोनों राज्यों के बीच सहमति होना अनिवार्य है। इसलिए जब-जब दोनों राज्यों में कोई फैसले की बात होती है तो पेंशनर्स का मामला लटक जाता है।
किसको कितना मिलेगा
मध्यप्रदेश के साढ़े चार लाख से अधिक पेंशनर्स को सातवां वेतनमान दिया गया तो एक छोटे पद से रिटायर हुए पेंशनर्स को 650 से लेकर साढ़े सात हजार रुपए तक का इजाफा हो जाएगा। इस बढ़ोतरी के कारण सरकार पर करीब 500 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ का भी अनुमान लगाया गया है।
मुख्य बातें
-छत्तीसगढ़ सरकार से प्राप्त अभिमत के मुताबिक वहां पेंशन बढ़ाए जाने का फार्मूला 2.57 तय हुआ है।
-मध्यप्रदेश सरकार भी इसी फार्मूले का इस्तेमाल करते हुए पेंशनर्स को सातवें वेतनमान का लाभ देगी।
-राज्य सरकार भी उसी हिसाब से चलेगी जितना छत्तीसगढ़ सरकार चलती है। क्योंकि पहले सभी अविभाजित मध्यप्रदेश के कर्मचारी ही थे।
-मध्यप्रदेश के वित्तमंत्री जयंत मलैया भी मानते हैं सरकार सैद्धातिक रूप से सहमत है। परीक्षण कराने के बाद जल्द ही पेंशन देने की कवायद पूरी कर ली जाएगी।
-नए फार्मूले के मुताबिक 10 से 15 प्रतिशत पेंशन और बढ़ जाएगी।
ऐसे देखें अपनी बढ़ी हुई पेंशन
3025-6900 650 से 950 रुपए
11500-24000 3000 से 3500 रुपए
20000-46400 5000 से 5500 रुपए
23000-51000 6000 से 6500 रुपए
33500-70000 7000 से 7500 रुपए
एरियर्स पर असमंजस बरकरार
1 जनवरी 2016 से यह पेंशन देय होगी, लेकिन करीब 18 माह का ऐरियर्स दिए जाने पर फिलहाल असमंजस बरकरार है। सूत्रों के मुताबिक सरकार बढ़ी हुई पेंशन तो देगी, लेकिन 18 माह का एरियर्स देने से बचना चाहती है। क्योंकि हाल ही में शासकीय कर्मचारियों को सातवां वेतनमान का एरियर्स और बढ़ा हुआ वेतन देने से उस पर बोझ बढ़ गया है।
बढ़ेगा महंगाई भत्ता
मध्यप्रदेश सरकार छठा वेतनमान वालों को तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाकर देगी, वहीं 7वें वेतनमान वाले कर्मचारियों को 1 फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ाकर देगी। मध्यप्रदेश के पेंशनर्स के लिए 136 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है। अब इसमें तीन प्रतिशत का इजाफा किया जाना है। पिछले साल
 30 नवंबर 2017 को इस पर फैसला हो चुका है।

रुकावट का यह है कारण
-पिछले साल 30 नवंबर को सरकार ने तीन प्रतिशत डीए देने का निर्णय लिया था।
-इस बढ़े हुए महंगाई भत्ते को देने का सहमति देने का पत्र भी रमन सरकार को भेजा गया था।
-वित्त विभाग के प्रमुख सचिव पंकज अग्रवाल भी रमन सरकार के सचिवों से चर्चा कर चुके हैं, लेकिन सहमति नहीं मिल सकी।
-मध्यप्रदेश में फिलहाल छठवें वेतनमान के मुताबिक ही पेंशन मिल रही है।
-ये सभी पेंशनर्स 1 जनवरी 2016 से पहले सेवानिवृत्त हुए।
-माना जा रहा है कि राज्य सरकार अपने बजट सत्र में पेंशनर्स को 7वें वेतनमान का लाभ मिल सकता है।

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